राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (विधिक सेवा क्लीनिक) विनियम, 2011
लाभार्थी:
सामान्य जन, विशेष रूप से विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के अंतर्गत परिभाषित समाज के कमजोर वर्गों से संबंधित व्यक्ति, जिनमें महिलाएँ, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक, निरुद्ध व्यक्ति तथा आर्थिक या सामाजिक रूप से वंचित व्यक्ति शामिल हैं, जिन्हें निःशुल्क विधिक सहायता की आवश्यकता होती है।
फ़ायदे:
विधिक सेवा क्लीनिकों के माध्यम से निःशुल्क विधिक सेवाओं तक पहुँच उपलब्ध कराई जाती है। इसके अंतर्गत कानूनी परामर्श, आवेदन एवं दस्तावेज़ों का प्रारूपण/तैयारी में सहायता, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग, मुकदमे से पूर्व विवाद समाधान, विधिक जागरूकता तथा उपयुक्त विधिक मंचों को संदर्भित करना शामिल है, ताकि न्याय तक सरल एवं प्रभावी पहुँच सुनिश्चित हो सके।
आवेदन कैसे करें
https://nalsa.gov.in/legal-aid/